युवा लोकतंत्र में युवा सरपंच
मानव संस्कृति के विकास में लोकतांत्रिक व्यवस्था के संकल्पक को भी शायद यह विश्वास रहा होगा कि राजतंत्रीय व्यवस्था के विकल्प के रूप यह व्यवस्था इतना दीर्घकालिक होगा।वैश्विक फलक पे विश्व के सबसे प्राचीन लोकतंत्र के रूप में अमेरिका और सबसे बड़े लोकतंत्र भारत इसके उदाहरण है।अमेरिकी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मानक मान लिया जाय तो उसके सापेक्ष भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था अपने तरुणाई में है।
वैश्विक लोकतंत्र और भारतीय स्वराज के संमिश्रण से उत्पन्न ग्राम स्वराज/ग्राम पंचायत लोकतांत्रिक प्रणाली का वह परिष्कृत स्वरूप है जिसने अपने अंदर गांधी,विनोवा और दिन दयाल जी के' ग्राम केंद्रित शासन प्रणाली' के वैचारिकी का मूर्त रूप दिया है।
भारत मे स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद इस वैचारिकी के व्यवहार में आने में लगभग एक दशक का समय लग गया कारण था विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र।यद्दपि ग्राम स्वराज अपने शैशव काल मे अपने मूल्यों को उस रूप में स्थापित नही कर पाया जो उसका मौलिक प्रयोजन था लेकिन आज भारत युवाप्रधान देश है और ग्राम पंचायतों में युवाओं की वर्तमान सहभागिता शुभ संकेत दे रही है कि विश्व के युवा प्रधान देश के युवा लोकतांत्रिक व्यवस्था को उसके पूर्णता के तरफ स्थापित करेगी।
देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में ग्रामपंचायत चुनाव के आयोजन में 60% प्रत्याशी 40 वर्ष से कम उम्र के है
वैश्विक लोकतंत्र और भारतीय स्वराज के संमिश्रण से उत्पन्न ग्राम स्वराज/ग्राम पंचायत लोकतांत्रिक प्रणाली का वह परिष्कृत स्वरूप है जिसने अपने अंदर गांधी,विनोवा और दिन दयाल जी के' ग्राम केंद्रित शासन प्रणाली' के वैचारिकी का मूर्त रूप दिया है।
भारत मे स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद इस वैचारिकी के व्यवहार में आने में लगभग एक दशक का समय लग गया कारण था विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र।यद्दपि ग्राम स्वराज अपने शैशव काल मे अपने मूल्यों को उस रूप में स्थापित नही कर पाया जो उसका मौलिक प्रयोजन था लेकिन आज भारत युवाप्रधान देश है और ग्राम पंचायतों में युवाओं की वर्तमान सहभागिता शुभ संकेत दे रही है कि विश्व के युवा प्रधान देश के युवा लोकतांत्रिक व्यवस्था को उसके पूर्णता के तरफ स्थापित करेगी।
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