बेरोज़गारी और वामपंथ
भारत में आज़ादी के बाद कमरेडो ने राजनैतिक महत्वकांक्षा के इतर अपने वर्ग विभाजन और सामवैधानिक व्यवस्था को ध्वस्त करने के लिए नीति निर्माण के माध्यम से एक आत्मविरोधी व्यवस्था बनाना था इस प्रयास में इन लोगों ने शिक्षा से लेकर तमाम क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था का निर्माण किया जो विशुद्ध भारतीय चेतना के अनुकूल नही थी । इनका लक्ष्य था की आत्मबिरोधो से पूर्ण यह व्यवस्था स्वयं ही ध्वस्त हो जाएगी । अपने इस मंसूबे को कामयाब करने के लिए इन लोगों ने स...