शिक्षा जिसमें मनुष्यता का अभाव
शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है आदमी को मनुष्य बनाना लेकिन यूरोप के मशीनीकरण और औद्योगिक क्रांति के बाद जो मनुष्य कि नस्ल तैयार हूयी वह शारीरिक रूप से आदमी थी लेकिन मानसिक रूप से मशीन के रूप में तैयार हुआ है और उससे उपंजी एक क़ौम जिसमें एक विशेष शौक़ है वह है बुद्धिजीवी दिखने का ! बुद्धि हो न हो , बुद्धिजीवी दिखने में कुछ लोग कोई कसर नहीं छोड़ते। जैसे , कुछ समय पहले तक , जब मोबाइल कैमरा नहीं आया था तब स्टुडियो जाते थे। बाकायदा ड्रेस कोड बनाते थे। इस ड्रेस कोड में चाहे पैंट शर्ट हो या फिर पाजामा कुर्ता। उस पर सदरी जरूर होती थी। फिर एक हाथ में कलम लेकर उसी...