इस्लामिक असहिष्णुता
आज जहां इस्लामाबाद बसाया गया है, ठीक उसके बगल में तक्षशिला विश्वविद्यालय के अवशेष आज भी विद्यमान हैं। हिन्दू और बौद्ध ज्ञान परंपरा का केन्द्र रहे तक्षशिला का एक हिन्दू के मन में क्या स्थान है उसे आप इससे समझ सकते हैं कि आज भी किसी ब्राह्मण का यज्ञोपवीत संस्कार होता है तो प्रतीकात्मक रूप से चार कदम उत्तर की ओर चलता है। उसका यह उत्तरगमन इसलिए होता है क्योंकि अब वह शिक्षा के लिए घर से निकल रहा है, तो उत्तर की ओर इसलिए जाएगा क्योंकि उत्तर में ही तक्षशिला है। हम प्रतीकात्मक रुप से आज भी यहां बैठकर चार कदम उत्तर की ओर चल रहे हैं और जिन्होंने तक्षशिला से ज्ञान को मिटा दिया वो कहते हैं कि अब ये इस्लामाबाद है। हम तो अब अरब की तरफ चार कदम जाएंगे क्योंकि मजहब के नाम पर तक्षशिला से उनका सारा संबंध काट दिया गया है। उनके लिए भरत के बेटे तक्ष की बसायी भूमि अब इस्लामाबाद हो गयी है। इसी इस्लामाबाद में आज से चार साल पहले एक कृष्ण मंदिर बनाने का प्रस्ताव आया था। यह दिखाने के लिए पाकिस्तान में सबके लिए जगह है। उन हिन्दुओं के लिए भी जिन्हें उजाड़कर इस्लामाबाद बसा है। अभी चार दिन पहले इस्लाम...